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Wednesday, October 23, 2019

नवरात्री भजन: मन तेरा मंदिर

मन तेरा मंदिर । 
आखेँ दिया बाती ।
होठों की है थालीयाँ  
बोल फुल पाती ।।
रोम रोम जिव्हा तेरा नाम पुकारती ।
आरती ओ मैया आरती । 
ओ ज्योतावालीये माँ तेरी आरती ।।

हे महालक्ष्मी माँ गौरी । 
तू अपनी आप है जौहरी ।
तेरी कीमत तु ही जाने । 
तु बुरा भला पहचाने ।।
ये कहते दिन और रातें । 
तेरी लिखी ना जाये बातें ।
कोई माने या ना माने । 
हम भक्त तेरे दिवाने ।।
कोइ माने या ना माने । 
हम भक्त तेरे दिवाने ।।
तेरे पावँ सारी दुनियाँ पखारती ।।१।।


मन तेरा मंदिर । 
आखेँ दिया बाती ।
होठों की है तालीयाँ । 
बोल फुल पाती ।।
रोम रोम जिव्हा । 
तेरा नाम पुकारती ।
आरती ओ मैया आरती
ओ ज्योतावालीये माँ तेरी आरती ।।


हे गुणवंती सतवंती  । 
हे पदवंती रसवंती ।
मेरी सुनना ये विनंती । 
मेरा चोला रंग बंसती ।।
हे दुखःभजंन सुखदाती । 
हमे सुख देना दिन रात्री ।
जो तेरी महिमा गायेे । 
मुँह माँगी मुरादे पाये ।।
जो तेरी महिमा गाये । 
मुँह माँगी मुरादे पाये ।।
हर आँख तेरी और निहारती ।।२।।


मन तेरा मंदिर । 
आखेँ दिया बाती ।
होठों की थालीयाँ । 
बोल फुल पाती ।।
रोम रोम जिव्हा । 
तेरा नाम पुकारती ।।
आरती ओ मैया आरती । 
ओ ज्योतावाली माँ तेरी आरती ।।

हे महाकाली महाशक्ती । 
हमे दे दे ऐसी भक्ती ।
हे जगजननी महामाया । 
है तु ही धूप और छाया ।।
तू अमर अजर अविनाशी । 
तु अनमिट पू्र्णमासी ।
सब करके दुर अंधेरे । 
हमे बक्क्षों नये सवेरे ।।
सब करके दुर अंधेरे । 
हमे बक्क्षों नये सवेरे ।।
तु तो भक्तों की बिगडी सँवारती ।।३।।


मन तेरा मंदिर । 
आखेँ दिया बाती ।
होठों की थालीयाँ । 
बोल फुल पाती ।।
रोम रोम जिव्हा । 
तेरा नाम पुकारती ।
आरती ओ मैया आरती ।
ओ ज्योतावालीयें माँ तेरी आरती ।।


ओ तेरे पाँव सारी दुनियाँ पखारती ।
औ लाटावालीये माँ तेरी आरती ।
औ हर आँख तेरी ओर निहारती ।
औ ज्योतावालीये माँ तेरी आरती ।
औ तु तो भक्तों की बिगडी सँवारती ।।


मन तेरा मंदिर ।
आखेँ दिया बाती ।
होठों की है थालीयाँ । 
बोल फुल पाती ।।