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Thursday, October 8, 2020

श्रीपाद श्रीवल्लभ स्तोत्रम्

अथ श्रीपाद श्रीवल्लभ स्तोत्रम् 


श्रीपाद वल्लभ गुरोः वदनारविन्दम्

वैराग्य दीप्ति परमोज्वलमद्वितीयम् । 

मन्दस्मितं सुमधुरं करुणार्द्र नेत्रं 

संसार - ताप - हरणं सततं स्मरामि ।।


श्रीपाद वल्लभ गुरो: करकल्पवृक्षम् 

भक्तेष्ट - दान - निरतं रिपुसंक्षयं वै । 

स्मरण मात्र उचित - जागरण सुभद्रम्

संसार - भीति - शमनं सततं भजामि ।।


श्रीपाद वल्लभ गुरो: परमेश्वरस्य 

योगीश्वरस्य शिव शक्ति समन्वितस्य । 

श्री पर्वतस्य शिखरं खलु सन्निविष्टम् 

त्रैलोक्य - पावन - पदाब्जमहं नमामि ।।


।। श्रीपाद श्रीवल्लभ स्तोत्रम् संपूर्णम् ।।

  श्री श्रीपाद श्रीवल्लभ चरणार्पणमस्तु